नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Coronavirus) वैक्सीन के विकास को लेकर एक अच्छी खबर है. सूत्रों के मुताबिक, भारत में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी (Sputnik-V) के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल जल्द शुरू होने वाला है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisatio) के एक विशेषज्ञ पैनल ने शुक्रवार (17 अक्टूबर) को वैक्सीन के दूसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल की मंजूरी भारतीय दवा निर्माता डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (DRL) को देने की सिफारिश की है.

दूसरे ट्रायल टेस्ट में शामिल होंगे 1400 वॉलंटियर्स
मालूम हो कि हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल फर्म ने 13 अक्टूबर को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को दोबारा ट्रायल के लिए दोबारा आवेदन दिया था और देश में रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी के दूसरे और तीसरे फेज के मानव परीक्षण (scientific trials) एक साथ कराने की मंजूरी देने की मांग की थी. इस संबंध में जानकारी मिली है कि संशोधित प्रोटोकॉल के तहत डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (DRL) ने बताया हैं कि दूसरे ट्रायल टेस्ट में 100 सब्जेक्ट्स शामिल होंगे, जबकि परीक्षण के तीसरे चरण में 1,400 वॉलंटियर्स को शामिल किया जाएगा.

दूसरे ट्रायल सफल होने के बाद तीसरे परीक्षण को मिलेगी अनुमति
सूत्रों ने बताया कि कोविड-19 पर बनी विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) ने हाल ही में विचार-विमर्श के बाद संभावित टीके के दूसरे चरण के परीक्षण पहले करने की अनुमति देने की सिफारिश की. दूसरे चरण के सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता संबंधी आंकड़ों को जमा करने के बाद ही कोविड वैक्सीन के तीसरे ट्रायल के मानव परीक्षण की परमीशन मिलेगी. 

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विश्व की पहली कोविड वैक्सीन है स्पुतनिक
स्पुतनिक वी वैक्सीन को आरडीआईएफ और गेमालेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है. रूस ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन Sputnik- V को अनुमति दी थी, जो दुनियाभर में कोविड-19 की पहली वैक्सीन है. इसके बाद रूस ने 14 अक्टूबर को दूसरी कोरोना वैक्सीन EpiVacCorona को मंजूरी दे दी है.

गौरतलब है कि बीते सप्ताह में ही स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने बताया था कि साल 2021 की शुरुआत में भारत को एक से अधिक स्रोतों से कोविड वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) मिलने की उम्मीद है.  उन्होंने भारत में अगले साल की शुरुआत में कोरोनो वायरस का टीका लगने की उम्मीद है.

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